नजरें उस बच्चे पर अनायास गयी जो एक मासूम सी मुस्कान के साथ माँ के गोद में दुनियादारी से परे अपने कुर्ते के बटन से खेल रहा था
(ये बलिया वाले बाबा द्वारा लिखा हुआ हैं)
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